Wednesday, December 30, 2009

हँसती हुई लड़की में
दौड़ते हुए लड़के में ।
फूलों में, घास में
झुर्रियों में ।
धूप में । चांदनी में ।

लहरों में, करवटों में--
हवा की ।
बादलों में ।
उछालों में
पर्वतों की ।

दहाड़ में समुद्र की ।
गलियों में । पाँत में पेड़ों की ।
स्त्रियों की आँखों में ।
पाँखों में चिड़ियों की ।

जीवन । जीवन ।
इतना जीवन ।



जिन्दगी हर जगह, पड़ाव दुबे पुल के नीचे.


परत दर परत उधड़ता आदमी, सिनेमा के पुराने पोस्टर की तरह.





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